राजनांदगाँव। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद सोनम वांगचुक को रिहा करने की मांग को लेकर आदिवासी समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सोनम वांगचुक को रिहा करने राष्ट्रपति से अपील करते हुए कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
आदिवासी समाज के लोगों ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से छठवीं अनुसूची का पालन, लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने सहित अपनी चार मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को रिहा करने की मांग की जा रही है। सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष सुदेश टीकम और डोंगरगांव ब्लॉक अध्यक्ष चंद्रशेखर उके ने कहा कि गैरकानूनी और अलोकतांत्रिक तरीके से सोनम वांगचुक को गिरफ्तार किया गया है। उनपर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि अगर 15 नवंबर बिरसा मुंडा जयंती तक सोनम को रिहा नहीं किया जाता है तो फिर इस दिन उग्र आंदोलन सर्व आदिवासी समाज द्वारा किया जाएगा।
आदिवासी समाज के लोगों ने अपने ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मांग की है कि लद्दाख के लोगों पर गोलीबारी और हिंसा की घटना के कारण कई लोगों की अकस्मात मृत्यु हुई है जिसकी उच्च स्तरीय एवं स्वतंत्र न्यायिक जांच किया जाए।
