पूर्व महापौर अजीत जैन ने की मांग
राजनांदगांव। पूर्व महापौर अजीत जैन ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राज्य में सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग के गठन की मांग की है।
जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती समारोह मनाया गया। 1 नवम्बर 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्योत्सव का शुभारंभ किया। इसी बीच राज्य में “सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग” के गठन की मांग भी तेज हो गई है।
अटल जी की सोच को आगे बढ़ाने की अपील
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को संबोधित पत्र में पूर्व महापौर अजीत जैन ने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने 15 अगस्त 2003 को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए सामान्य वर्ग के निर्धनों के कल्याण के लिए योजनाएं बनाने की बात कही थी। इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने जनवरी 2008 में “राज्य सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग” का गठन किया था। आयोग के प्रथम अध्यक्ष बाबूलाल जैन थे और वर्तमान में शिवकुमार चौबे इस पद पर कार्यरत हैं।
निर्धन वर्ग के बीच बढ़ती आर्थिक खाई
ज्ञापन पत्र में कहा गया है कि समाज का एक हिस्सा अत्यधिक संपन्न होता जा रहा है जबकि सामान्य वर्ग का मध्यम और गरीब तबका लगातार आर्थिक रूप से कमजोर हो रहा है। संपन्न वर्ग समाज और धर्म के पदों पर एकाधिकार कर लेता है, जिससे गरीब व मध्यम वर्ग उपेक्षित रह जाते हैं। ऐसे में इन वर्गों की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और जीवन स्तर सुधार हेतु पृथक आयोग की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
आयोग गठन से खुलेगा विकास का मार्ग
पूर्व महापौर जैन का कहना है कि “सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग” के गठन से राज्य में इस वर्ग के गरीब, मध्यम और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जा सकेगा तथा उनके लिए विशेष योजनाएं तैयार की जा सकेंगी।
मुख्यमंत्री से की गई अपील
अजित जैन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से अनुरोध किया है कि छत्तीसगढ़ में भी मध्यप्रदेश की तर्ज पर राज्य सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग का गठन शीघ्र किया जाए, ताकि समाज के इस उपेक्षित वर्ग को न्याय एवं समान अवसर प्राप्त हो सकें। समाज का हर वर्ग समान अवसर और सम्मान का हकदार है निर्धनता किसी जाति या वर्ग की सीमा में नहीं बंधी होती।
