खुज्जी की पूर्व विधायक ने खोला मोर्चा
राजनांदगाँव। ग्रामीणों द्वारा चारागाह के लिए सुरक्षित रखी गई जगह पर सरकार द्वारा शराब दुकान खोल दी गई है। छुरिया क्षेत्र के गैंदाटोला में स्थापित शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर खुज्जी की पूर्व विधायक छन्नी साहू सैकडो़ं महिलाओं के साथ दुकान के सामने ही धरने पर बैठ गईं हैं।
खुज्जी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गैंदाटोला के क्षेत्रवासियों ने 20 दिनों पूर्व गैंदाटोला-नुन्हाटोला मार्ग में संचालित शराब दुकान को हटाने के लिए डोंगरगांव अनुविभागीय एवं दंडाधिकारी को अनुरोधपत्र सौंपा था। पत्र में कहा गया था कि निर्धारित समयसीमा में शराब दुकान को नही हटाने पर शराब दुकान का घेराव किया जाएगा। तय समयसीमा पर उच्च अधिकारियों द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं करने पर गैंदाटोला, नुन्हाटोला, खोराटोला, कोलिहालमती, जोशीलमती, लुलीकसा, फाफामार सहित अनेक ग्रामवासियों ने हजारों की संख्या में आज पूर्व विधायक छन्नी साहू के नेतृत्व में शराब दुकान को हटाने के लिए शराब दुकान का घेराव कर दिया।
जिस जमीन पर शराब दुकान का संचालन हो रहा है उस जमीन को गैंदाटोला के ही पुरषोत्तम कंवर व रामसेवक कंवर ने पशुओं के चारागाह के लिए दान में दी थी किन्तु प्रशासन ने बिना ग्रामीणों की सहमति व बिना ग्रामसभा के निर्णय लिए उक्त भूमि को शराब दुकान के लिए दे दी, जो कि शासकीय प्रक्रिया के पालन न होने के कारण विवाद का विषय बन गया है।
आंदोलन का नेतृत्व करते हुए क्षेत्र की पूर्व विधायक छन्नी साहू ने कहा कि शासन पूरे नियमो को ताक में रखकर अवैध रूप से गैंदाटोला शराब दुकान का संचालन कर रही है। न ही ग्रामीणों से सहमति ली गई न ही उक्त जमीन में शराब दुकान के संचालन हेतु ग्रामसभा में अनुमोदन किया गया है। इस क्षेत्र की महिलाएं,छात्र-छात्राओं व गणमान्य नागरिक पर इस शराब दुकान का प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। नुन्हाटोला मार्ग से गुजरने वाले छोटे-छोटे बच्चे शराबियों व अन्य असामाजिक तत्वों से परेशान हैं। इस शराब दुकान के पास से गुजरने वाले नाले में नुन्हाटोला के ग्रामीण निस्तारी करते है लेकिन शराबियों द्वारा इस नाले में पानी पाउच, डिस्पोजल, शीशियों को नाले में बहा दिया जाता है जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस अवैध रूप से संचालित शराब दुकान को यहां से हटाने हेतु प्रशासन द्वारा सकारात्मक जवाब नहीं दिया जाएगा तब तक हम यहां से हटने वाले नहीं हैं। आंदोलन में शामिल महिलाओं ने शराब दुकान नहीं हटाने पर आबकारी विभाग के अधिकारियों पर एफआईआर कराने की चेतावनी दी है।
