ठेकेदार की लापरवाही और लोक निर्माण विभाग की उदासीनता से लोग हो रहे परेशान
राजनांदगाँव। करोड़ों की लागत से बन रही राजनांदगाँव-खैरागढ़ की निर्माणाधाीन सडक़ में धूल के गुबार से जनता त्रस्त है। इसके बाद भी संबधित अफसर और ठेकेदार निर्माणाधाीन सडक़ पर धूल से निजाम दिलाने में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। नतीजन रोड में धूल के चलते रोजाना हादसें हो रहे हैं।
घटिया और स्तरहीन काम का आलम यह है कि गठुला नाला से लेकर आगे तक रोड की उपही हिस्से की खुदाई कर दी गई है। तिलई गावं में भी इसी तरह की खुदाई की गई है। बोरी चौक से तिलई तक धूल भरी गिट्टीयों से लोग परेशान हैं। डगनिया-पदुमतरा, खपरीखूर्द, चवेली तक स्थिति और बेहद चिंताजनक बन गई है। सहसपुर दल्ली क्षेत्र में भी हादसे हो रहे हैं। कई दुपहिया सवार इस क्षेत्र में हर दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं और दुर्घटना होने के बाद इलाज पाने के लिए मुश्किल का सामना कर रहे हैं।
पता चला है कि इस सड़क के निर्माण का ठेका कवर्धा जिले के एक ठेकेदार को मिला है। ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण में जमकर मनमानी की जा रही है तो दूसरी तरफ लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अफसरों ने भी पूरे निर्माणाधीन काम को ठेकेदार के भरोसे छोड़ दिया है और विभाग का अमला इस काम में निरीक्षण तक नहीं कर रहा है। घटिया काम के चलते इस सड़क से आवाजाही करने वाले लोग धूल से बचने के लिए रांग साइड का भी उपयोग कर रहे है जो जानलेवा है।
यदि निर्माणाधीन इस मार्ग पर हर दिन तीन से चार बार पानी का छिडक़ाव भी किया जाता तो धूल की परेशानी बहुत हद तक ठीक भी हो सकती है लेकिन सड़क निर्माण करने वाली कंपनी को जनता की सेहत व उनकी जान की परवाह ही नहीं है। पदुमतरा-खपरीखुर्द के लोग ठेकेदार की लापरवाही के चलते उग्र आंदोलन करने के मूड में हैं। यदि जल्द से जल्द पानी का छिडक़ाय पर्याप्त मात्रा में नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में चक्काजाम की भी स्थिति बन सकती है।
करोड़ों की सडक़ निर्माण में कई खांमिया देखने को मिल रही है। इसके बाद भी क्षेत्रीय नेताओं से लेकर जिला स्तर के नेता चाहे वो बीजेपी के हों या फिर कांग्रेस या अन्य पार्टी के उन्हें इससे कोई मतलब नहीं जान पड़ता। स्थिति यह हो गई है कि नेताओं की चुप्पी जनता की हितों के बजाय निर्माण एंजेसी के सुर में सुर मिलाने की हो गई है। पूरी सड़क का जायजा लेने से लगता है कि राजनीतिक दलों को जनता से इन्हे कोई सरोकार नहीं है।
निर्माणाधीन सड़क में सिर्फ एक बार पानी का छिड़काव किया जा रहा है। छिड़काव के लिए ठेलकाडीह से डूमरडीहकला मार्ग पर स्थिति एक पत्थर खदान से पानी की भराई टैंकरों के माध्यम से की जा रही है। इस खदान में पानी की कमी नहीं है पर ठेकेदार के नुमांइदों के लिए रोड में डालने के लिए कमी हो रही है। ठेकेदार के एक कर्मचारी से बात करने पर पता चला कि दो दिन से जिस खदान से पानी खीचते है वहा लगा हुआ पंप खराब है इसलिए रोड पर पानी का छिड़वाय नहीं हो रहा है। पंप बनने के बाद पानी का छिडक़ाव होगा। अब सवाल यह है कि क्या कंपनी के पाए एक ही पंप या फिर मामला कुछ और है। बहरहाल निर्माणधीन रोड में पानी का छिडक़ाय अतिआवश्यक है।
हमने गठुला से लेकर सहसपुर दल्ली और इससे कुछ आगे तक के हिस्से का जायजा लिया तो पता चला कि सड़क निर्माण में जमकर भर्राशाही की जा रही है। ठेकेदार के कर्मचारी अपनी मनमानी कर रहे हैं और लोक निर्माण विभाग के अफसरों को निर्माण कार्य के निरीक्षण की फुर्सत नहीं है।
