सरेंडर करने वालों में 7 महिलाएं भीब
स्तर रेंज नक्सल मुक्त होने की ओर
राजनांदगाँव/जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर रेंज के बीजापुर जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान को आज एक बड़ी सफलता मिली है। DKSZC सदस्य और साउथ सब ज़ोनल ब्यूरो के इंचार्ज पापा राव ने 17 अन्य माओवादी कैडरों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है।
आत्मसमर्पण करने वाले इस समूह में DKSZC सदस्य पापा राव, DVCM प्रकाश मड़वी और DVCM अनिल ताती सहित कुल 18 कैडर शामिल हैं, जिनमें 7 महिला कैडर भी हैं। सभी ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शांतिपूर्ण जीवन अपनाने की इच्छा जताई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार आत्मसमर्पण प्रक्रिया के तहत इन्होंने AK-47 राइफल सहित अन्य श्रेणीबद्ध हथियार भी सुरक्षा बलों के समक्ष सौंपा है।
यह घटनाक्रम बस्तर में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक निर्णायक उपलब्धि माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि दंडकारण्य क्षेत्र में माओवादी आंदोलन के इतिहास में पहली बार नक्सल संगठन प्रभावी रूप से नेतृत्वविहीन हो गया है। सरकार की परिकल्पना और स्थानीय लोगों की लंबे समय से रही आकांक्षाओं के अनुरूप बस्तर अब नक्सल-मुक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। क्षेत्र में नई ऊर्जा, सकारात्मक पहचान और विकास की संभावनाओं को बल मिल रहा है।

प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि शेष बचे माओवादी कैडर जो अभी छोटे-छोटे समूहों में सक्रिय हैं वे भी जल्द ही शांति का मार्ग अपनाते हुए मुख्यधारा में लौटेंगे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साउथ सब ज़ोनल ब्यूरो क्षेत्र से आत्मसमर्पण करने वाले इन सभी 18 कैडरों के पुनर्वास और पुनर्समावेशन की औपचारिक प्रक्रिया जल्द ही पूरी की जाएगी
