रायमनहोरा में खंभे टूटे, सपने भी!
आजादी के बाद पहली बार पहुँची बिजली, पर ठेकेदार की लापरवाही ने बुझा दी उम्मीदों की रोशनी
राजनांदगाँव/मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी। आजादी के 78 साल बाद जब जिले के अंतिम छोर पर बसे औंधी तहसील के रायमनहोरा गांव में पहली बार बिजली के खंभे खड़े हुए तो गांव के चेहरे पर उजाले की उम्मीद झलक रही थी। लोगों को लगा कि इस बार दीपावली सचमुच “रोशनी वाली” होगी लेकिन बिजली आने से पहले ही अंधेरा गहराने लगा। गांव तक पहुँचाए गए खंभे टूट गए, तो कुछ में दरारें पड़ गईंं।
ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने घटिया गुणवत्ता के खंभे लगाकर शासन-प्रशासन की वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया। अब हालत यह है कि टूटे खंभे सड़क किनारे लटक रहे है, पर बिजली विभाग ने अब तक सुध लेने की ज़हमत नहीं उठाई है।
नेता और अधिकारी राज्योत्सव मनाने में व्यस्त
स्थानीया लोगों का कहना है कि शासन की योजनाएं कागज़ पर तो चमकती हैं लेकिन जमीनी हकीकत में वही अंधेरा कायम है। ग्रामीण अब सवाल उठा रहे हैं कि क्या विकास की रोशनी रायमनहोरा तक कभी पहुँचेगी? खबर औंधी से साथी मोहन महिलांगे के माध्यम से।
