डोंगरगांव में कलयुगी बेटे की करतूत
पुरानी रंजिश और संपत्ति विवाद के चलते घूसों से इतना मारा कि टूट गई बुजुर्ग पिता की सांस की नली
राजनांदगांव। संपत्ति और पैसों का लालच जब सिर चढ़कर बोलता है, तो खून के रिश्तों की अहमियत खत्म हो जाती है। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक बेटे ने पिता-पुत्र के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया। जमीन-जायदाद के बंटवारे और पुरानी रंजिश के चलते एक 26 वर्षीय युवक ने अपने ही 75 वर्षीय बुजुर्ग पिता की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। डोंगरगांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार घटना ग्राम भटगुना की है। आरोपी शेख सलीम (26 वर्ष) अपने पिता शेख बशीर (75 वर्ष) पर लगातार दबाव बना रहा था कि वे जमीन-जायदाद का पैसा किसी और को न दें और उसके छोटे बच्चे के नाम कर दें। 19 जून 2025 को इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद गहरा गया। आरोपी शेख सलीम अपने पिता से इस बात की भी रंजिश रखता था कि पिता की शिकायत पर उसे एक हफ्ते पहले मारपीट के एक अन्य मामले में जेल जाना पड़ा था। इसी खुन्नस और लालच में उसने अपने बुजुर्ग पिता पर कहर बरपा दिया।
आरोपी ने आव देखा न ताव अपने पिता पर हाथ-मुक्कों से ताबड़तोड़ वार कर दिया। हमला इतना भयानक था कि बुजुर्ग शेख बशीर के चेहरे पर कई जगह फ्रैक्चर हो गए, शरीर के अंदर ब्लीडिंग शुरू हो गई और उनकी सांस की नली तक टूट गई। गंभीर रूप से घायल शेख बशीर को परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव में भर्ती कराया लेकिन इलाज के दौरान 23 जून 2025 को उनकी मौत हो गई।
शुरुआत में पुलिस ने मृतक की बहू संजू खान के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मारपीट की धाराओं (बीएनएस 296, 115(2), 351(2)) के तहत मामला दर्ज किया था लेकिन इलाज के दौरान मौत होने के बाद मामले में हत्या की धारा 103(1) और 109(1) बीएनएस जोड़ दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा और एएसपी वैशाली जैन के निर्देशन में थाना प्रभारी डोंगरगांव निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर ने टीम गठित कर आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने आरोपी शेख सलीम को गिरफ्तार कर कड़ाई से पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने और आरोपी को गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी आशीर्वाद राहटगांवकर के साथ प्रधान आरक्षक संदीप देशमुख, आरक्षक धर्मेन्द्र मांडले, जीतेश साहू और चन्द्रप्रकाश हरमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
