सुबह नौ से रात नौ बजे तक शहर के भीतर रहेगा प्रतिबंध
राजनांदगांव। शहर की सड़कों पर बढ़ते दबाव और आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए यातायात पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने सीआईटी कालेज के पास और ट्रांसपोर्ट नगर के पास से भारी वाहनों को डायवर्ट करने का फैसला लिया है। इस फैसले के तहत सुबह नौ से रात नौ बजे तक भारी वाहन शहर में प्रतिबंधित रहेंगे। पुलिस का यह फैसला यातायात सुधार के लिए काफी कारगर साबित होगा लेकिन साथ ही पुलिस को शहर के अंदर की ओर अस्त-व्यस्त यातायात को सुधारने भी काम करना होगा।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में अब सीआईटी बायपास और ट्रांसपोर्ट नगर तिराहा से भारी वाहनों को शहर के भीतर आने से रोका जाएगा। पुलिस के इस निर्णय से प्रमुख चौराहों को राहत मिलेगी। यातायात प्रभारी निरीक्षक नवरतन कश्यप के नेतृत्व में प्रातः 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक नागपुर और रायपुर की ओर से आने वाले भारी वाहनों का डायवर्सन लागू कर दिया गया है। इस निर्णय से शहर के तीन प्रमुख और संवेदनशील हिस्सों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
इस नई व्यवस्था से राज इम्पीरियल चौक से होकर मेडिकल कॉलेज आने-जाने वाले मरीजों और तीमारदारों को अब भारी ट्रकों के जाम से जूझना नहीं पड़ेगा।आरके नगर चौक में रहने वाले हजारों रहवासियों के लिए अब सड़क पार करना सुरक्षित होगा। शहर का राम दरबार चौक का क्षेत्र ब्लैक स्पॉट बनता जा रहा था जहाँ कई लोग जान गंवा चुके हैं, नई व्यवस्था इस क्षेत्र के लिए भी उपयोगी साबित होगी। नागपुर-रायपुर मार्ग के भारी वाहनों के हटने से यहाँ बड़ी दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा। पुलिस ने इन रास्तों पर बाकायदा फ्लेक्स बोर्ड भी लगाए हैं और जवानों की तैनाती की है ताकि व्यवस्था सुचारू रहे।
लेकिन इन सब के बावजूद शहर के ‘भीतरी घावों’ का इलाज कब होगा, यह सवाल भी हो रहा है। जहाँ पुलिस की इस पहल की प्रशंसा हो रही है, वहीं आम जनता यह सवाल भी पूछ रही है कि शहर के अंदरूनी हिस्सों में व्याप्त अघोषित कब्जे और बेलगाम ट्रैफिक पर खाकी की नजर कब इनायत होगी? शहर वासियों का कहना है कि बायपास से ट्रैफिक मोड़ना समाधान का केवल एक हिस्सा है असली चुनौती तो शहर के भीतर है।
गंज लाइन यानि भारत माता चौक से लखोली नाका) के मार्ग पर थोक किराना व्यवसायियों की दुकानें हैं जिसके चलते दिन भर दोनों ओर बड़े ट्रक लोडिंग- अनलोडिंग के लिए खड़े रहते हैं। इस मार्ग पर ट्रैफिक को लेकर यहां निवासरत लोगों ने पुलिस और जिला प्रशासन से कई बार शिकायतें की लेकिन कुछ होता नहीं है। प्रशासन की चुप्पी पर लोग अब तंज भी कसने लगे हैं कि आखिर यहाँ नियमों का डंडा क्यों नहीं चलता? क्या यहाँ व्यवस्था से बड़ा वजन काम कर रहा है?
शहर कि गौरी शंकर पेट्रोल पंप के पास बसों का अवैध अड्डा बन गया है। सर्विस रोड पर निजी बसों ने अपना अघोषित स्टैंड बना लिया है। सवारी बैठाने की होड़ में बसें घंटों खड़ी रहती हैं, जिससे अन्य वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। मजेदार बात शहर कोतवाली थाना यहां से कुछ ही दूरी पर है लेकिन यहाँ पुलिस की मौजूदगी केवल मूकदर्शक की तरह नजर आती है। इसी तरह सर्विस रोड और पुराने सर्किट हाउस मार्ग का हाल भी बेहाल हो गया है।आरके नगर से शहर की ओर आने वाली सर्विस रोड पर भारी वाहनों की बेखौफ आवाजाही और शहर के अंदर पुराने सर्किट हाउस रोड पर दुकानों के सामने खड़ी गाड़ियां पैदल चलने वालों का हक छीन रही हैं। इसी तरह का हाल इमाम चौक से खैरागढ़ मार्ग का है। लोगों का मानना है कि यहां ट्रैफिक भगवान भरोसे ही चल रहा है। शहर के बुद्धजीवियों का कहना है कि भारी वाहनों को बायपास पर डाइवर्ट करना एक सराहनीय शुरुआत है, लेकिन यातायात विभाग को यह समझना होगा कि शहर केवल चौराहों पर नहीं बसता। जब तक गंज लाइन और सर्विस रोड जैसे इलाकों में जीरो टॉलरेंस नीति नहीं अपनाई जाएगी, तब तक जनता को जाम से पूर्ण मुक्ति नहीं मिलेगी।
