सुबह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के सरकारी ई मेल में आया था मेल
धमकी भरे मेल में LTTE का जिक्र
पुलिस कर रही संदिग्ध मेल की जांच
राजनांदगाँव। जिला अदालत परिसर में आज सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब अदालत परिसर में बम होने की सूचना सामने आई। सूचना मिलते ही पूरे परिसर में अलर्ट घोषित कर दिया गया औरा एहतियातन जिला अदालत को खाली कर पुलिस और बम स्क्वॉड ने पूरे न्यायालय परिसर की बारीकी से जांच की। हालांकि कहीं भी कोई बम नहीं मिला और न ही कोई संदिग्ध गतिविधि ही नजर आई। अब पुलिस न्यायालय में आए संदिग्ध ई मेल की जांच कर रही है।
उल्लेखनीय है कि आज सुबह 10 बजकर 7 मिनट पर न्यायालय के सरकारी ई मेल पते पर एक ईमेल के जरिए राजनांदगांव जिला अदालत को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। धमकी भरे मेल में तमिलनाडु और श्रीलंका के प्रतिबंधित आतंकी संगठन LTTE का जिक्र करते हुए कहा गया था कि आपकी कोर्ट को निशाना बनाया जाएगा। धमकी भरे मेल में कई बातों का जिक्र करते हुए कहा गया था कि कोर्ट बिल्डिंग में 6 RDX IED का इस्तेमाल करके मानव आत्मघाती हमला किया जाएगा। धमाकों से पहले दोपहर 2 बजकर 35 मिनट के पहले जजों को बाहर निकाले जाने का जिक्र मेल में किया गया था।
कोर्ट परिसर में बम की आशंका को देखते हुए न्यायालय द्वारा डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन को सभी वकीलों और सदस्यों को अपने-अपने चैंबर तुरंत खाली करने का संदेश भेजा गया। इसके बाद बड़ी संख्या में वकील, अदालत कर्मचारी और अन्य लोग परिसर से बाहर निकल आए। सूचना मिलते ही राजनांदगांव पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। बम निरोधक दस्ते की टीम ने पूरे अदालत परिसर की गहन तलाशी की।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बताया कि बीपीएन के माध्यम से डीजे कोर्ट के शासकीय मेल में एक संदिग्ध मेल आया जिसके माध्यम से कोर्ट परिसर में बम (आई डी) प्लांट करने की सूचना मिली। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस बम निरोधक दस्ते की टीम सहित डॉग स्क्वॉड की टीम व्दारा सघन जांच अभियान चलाया गया। हालांकि दोपहर बाद तक चले जांच अभियान में न ही कहीं पर किसी तरह का बम मिला और न ही कोई संदिग्ध गतिविधि ही नजर आई। पुलिस अधीक्षक शर्मा ने बताया कि इस सम्बंध में अपराध कायम किया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार होता ने संदिग्ध मेल को लेकर सुबह ही जिला अधिवक्ता संघ को पत्र लिखकर सूचित किया था कि संदिग्ध मेल को हाईकोर्ट बिलासपुर के रजिस्ट्रार जनरल के साथ ही राजनांदगाँव कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को आवश्यक सुरक्षा एवं सुरक्षात्मक उपाय किए जाने हेतु प्रेषित किया गया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पत्र में अधिवक्ता संघ से आवश्यक सहयोग की अपेक्षा अपने पत्र में की थी।
