निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों को भी जोड़ना जरूरी, ताकि घायलों की तत्काल एक्स-रे और सोनोग्राफी हो सके
राजनांदगांव। हिन्दू नववर्ष की शुरूआत के साथ शुरु होने वाले चैत्र नवरात्रि पर्व पर डोंगरगढ़ में माँ बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए आने वाले पदयात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने तगडी़ व्यवस्था की है। कलेक्टोरेट जितेन्द्र यादव ने जिले के निजी नर्सिंग होम्स को इस दौरान श्रद्धालुओं की नि:शुल्क उपचार की जिम्मेदारी दी है। हालाँकि इस काम में निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों और ब्लड बैंक को भी जोडा़ जाना चाहिए ताकि किसी प्रकार की घटना होने की स्थिति में घायलों की तत्काल एक्स-रे और सोनोग्राफी हो सके।
छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध देवीस्थल मां बम्लेश्वरी की नगरी डोंगरगढ़ आने वाले श्रद्धालुओं और पदयात्रियों को इस बार हाई-टेक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। जिला प्रशासन की एक अनूठी पहल के चलते मेले के इतिहास में पहली बार निजी चिकित्सालयों द्वारा नि:शुल्क चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के आह्वान पर जिले के 48 निजी अस्पतालों ने इस कार्य में अपनी सहभागिता दर्ज कराने का निर्णय लिया है।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने स्पष्ट किया कि लाखों की संख्या में आने वाले दर्शनार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस बार केवल सरकारी अस्पताल ही नहीं, बल्कि निजी अस्पताल भी कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे। पंडालों और पदयात्रा मार्गों पर निजी अस्पतालों के रोटेशन के आधार पर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ तैनात रहेंगे।
श्रद्धालुओं को जरूरत पड़ने पर प्राथमिक उपचार के साथ-साथ सभी जरूरी दवाइयां मुफ्त दी जाएंगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए निजी अस्पतालों की एम्बुलेंस मेला क्षेत्र में तैनात रहेंगी। संकरी जगहों के लिए बाइक एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की गई है।
कलेक्टर यादव ने निजी अस्पताल संचालकों से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सेवा देने की अपील की, जिसे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने सहर्ष स्वीकार किया है। यह पहली बार है जब डोंगरगढ़ मेले में निजी क्षेत्र इतनी बड़ी जिम्मेदारी उठा रहा है। कलेक्टर जितेंद्र यादव ने कहा की हमारा लक्ष्य है कि किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल और उच्च स्तरीय उपचार मिले।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है, जो निजी अस्पतालों के साथ सीधा समन्वय रखेगा। बैठक में जिला पंचायत CEO सुरूचि सिंह, CMHO डॉ. नेतराम नवरत्न सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी और चिकित्सा जगत के प्रतिनिधि मौजूद थे।
डोंगरगढ़ चैत्र नवरात्रि पर्व के दौरान पदयात्री और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शहर में ही संचालित सभी निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों को भी दिशा निर्देश देने की आवश्यकता है। मेले के दौरान सड़क हादसे की आशंकाएं लगातार बनी रहती हैं। ऐसे में यदि कोई सड़क हादसा होता है तो हादसे में घायल व्यक्ति को तत्काल सिटी स्कैन, एक्सरे, एमआरआई की आवश्यकता होती है, जिसके लिए घायल व्यक्ति को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बिना एक्सरे, सिटीस्कैन के डॉक्टर इलाज भी नहीं करते हैँ। ऐसे में निजी डायग्नोस्टिक सेंटर घायलो को प्रमुखता से सिटी स्कैन, एक्स-रे का निशुल्क लाभ दें। ताकि आगे के उपचार में किसी भी प्रकार की देरी ना हो। साथ ही शहर में संचालित निजी ब्लड बैंक को भी इसमें जोड़ा जाए जिससे समय पर ही घायल को नि:शुल्क ब्लड उपलब्ध हो सके।
