डॉ. रमन कर रहे पत्रकार आवासीय कालोनी का लोकार्पण
राजनांदगाँव में पत्रकारों का एक बडा़ सपना पूरा होने जा रहा है। पत्रकारों की आवासीय कालोनी का आज उद्घाटन हो रहा है। राजनांदगाँव के विधायक और प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के हाथों कालोनी उद्घाटित हो रही है, यह राजनांदगाँव की पूरी प्रेस बिरादरी के लिए गर्व का विषय है। राजनांदगाँव में पत्रकारों की यह पहली आवासीय कालोनी है।
डॉ. रमन सिंह राजनांदगाँव की पत्रकार बिरादरी के लिए काफी महत्व रखते हैं। उनसे करीब-करीब सभी पत्रकारों के अच्छे संबंध रहे हैं और उन्होंने यहाँ के पत्रकारों को हमेशा महत्व भी दिया है। डॉ. रमन मेरे लिए तो और भी खास हैं। डॉक्टर साहब से मेरा परिचय तब से है जब वे अविभाजित राजनांदगाँव जिले की कवर्धा विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे। उस दौर में बतौर सबेरा संकेत के पत्रकार मैं अक्सर कवर्धा रिपोर्टिंग के लिए जाता था तो डॉक्टर साहब से मुलाकात होती ही थी। कभी कवर्धा के मिरमिट्टी में हैजा फैलने से कई मौतें होने की रिपोर्टिंग के लिए तो कभी कुछ अन्य खबरों के लिए। भोरमदेव महोत्सव के कव्हरेज के लिए भी जाता ही था। कुछ बार ऐसा भी संयोग बना कि डॉक्टर साहब ने रमन मेडिकल स्टोर, जहाँ उनका निवास भी है, में भोजन का भी न्यौता दिया। नाम याद नहीं आ रहा, पर उस समय एक सरदार जी सबेरा संकेत के कवर्धा संवाददाता थे। राजनांदगाँव से बस में या प्रेस की अखबार ले जाने वाली गाडी़ में कवर्धा जाकर वहां सरदार जी की मोटर साइकिल में घूम-घूमकर रिपोर्टिंग करता था।
साल 1996। कवर्धा राजनांदगाँव से अलग होकर नया जिला बना। उस समय डॉक्टर रमन सिंह कवर्धा विधायक थे। राज्य के मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह थे। जिस दिन नए जिले का उद्घाटन होना था, मैं भी खबर के कव्हरेज के लिए कवर्धा पहुंच गया था। उस दौर में ज्यादा अखबार थे नहीं, क्षेत्र का मुख्य समाचार पत्र सबेरा संकेत ही था, अखबार में नए जिले कवर्धा के उद्घाटन की खबर प्रमुखता से छपी थी। बाद में डॉक्टर साहब विधानसभा चुनाव हार गए लेकिन उस दौर में देश में अपनी मजबूत पकड़ तलाश रही भारतीय जनता पार्टी ने डॉक्टर साहब को संगठन में बराबर अहमियत दी। राजनांदगाँव लोकसभा क्षेत्र के सांसद कांग्रेस के कद्दावर नेता मोतीलाल वोरा थे। उन्होंने भाजपा के सीटिंग एमपी अशोक शर्मा को हराया था। अशोक शर्मा तीन बार के सांसद शिवेन्द्र बहादुर सिंह को हराकर सांसद बने थे पर उनका कार्यकाल पूरा नहीं हो पाया। लोकसभा भंग हो गई और देश में मध्यावधि चुनाव हुए। मोतीलाल वोरा भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए और फिर मध्यावधि चुनाव हुआ। राजनांदगाँव लोकसभा क्षेत्र में प्रत्याशी चयन के लिए भाजपा की ओर से डॉक्टर रमन सिंह पर्यवेक्षक बनकर यहां आए। उन्होंने यहां से सांसद रहे अशोक शर्मा सहित कई भाजपा नेताओं से बात की पर मोतीलाल वोरा जैसे नाम के आगे कोई भी चुनाव लड़ने तैयार नहीं हुए। ऐसी स्थिति में पार्टी संगठन ने पर्यवेक्षक बनकर आए डॉक्टर रमन सिंह को ही अपना प्रत्याशी बना दिया। वो चुनाव भी गजब का हुआ। राजनांदगाँव जिले की सभी 8 विधानसभा क्षेत्रों में डॉक्टर रमन को मतदाताओं का अच्छा समर्थन मिला और उन्होंने जीत दर्ज की। उस समय प्रधानमंत्री बने अटल बिहारी वाजपेयी ने पहली बार संसद पहुंचे डॉक्टर रमन सिंह को कई बडे़ चेहरों पर तरजीह दी और उन्हें अपनी सरकार में मंत्री बनाया। केन्द्र में अटल सरकार रहते 1 नवम्बर 2000 को मध्यप्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ नया राज्य बना। उस समय विधायकों की संख्या अधिक होने के चलते राज्य में पहली सरकार कांग्रेस की बनी। राज्य में भाजपा विपक्षी पार्टी थी और उसके प्रदेश अध्यक्ष लखीराम अग्रवाल थे। उस दौर में राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने पहले तो मुख्यमंत्री बनने कै बाद विधानसभा में जाने भाजपा के एक विधायक से इस्तीफा दिलाकर चुनाव जीता फिर बाद में भाजपा के करीब दर्जन भर विधायकों का कांग्रेस प्रवेश कराकर भाजपा को राज्य में और भी कमजोर कर दिया था। भाजपा संगठन ने केन्द्र में मंत्री डॉक्टर रमन को मंत्री पद छोड़कर राज्य में पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भेजा। डॉक्टर रमन के नेतृत्व में भाजपा ने राज्य में विधानसभा का चुनाव लडा़ और बडी़ जीत दर्ज की। डॉक्टर रमन मुख्यमंत्री बनाए गए। राज्य के पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन तब विधायक नहीं थे, उनके लिए राजनांदगाँव जिले की डोंगरगाँव विधानसभा सीट खाली कराई गई और वे वहाँ से जीतकर विधायक बने। इसके बाद डॉक्टर रमन सिंह लगातार तीन बार यानि 15 साल राज्य के मुख्यमंत्री रहे। पहली बार डोंगरगाँव से और उसके बाद वे लगातार राजनांदगाँव से विधायक हैं। साल 2004 में मैंने डॉक्टर रमन सिंह को लेकर विभिन्न अखबारों में लिखी अपनी खबरों के संग्रह को किताब के रूप में प्रकाशित कराया था। किताब कि लोकार्पण डॉक्टर साहब ने ही मुख्यमंत्री निवास रायपुर में किया था। अखबारों के मालिकों की छोड़ दें तो राजनांदगाँव के किसी पत्रकार की लिखी यह पहली किताब थी। वर्तमान में डॉक्टर रमन सिंह छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष हैं।
बात चल रही है पत्रकारों की आवासीय कालोनी की तो डॉक्टर रमन सिंह का उल्लेख होना और विस्तार से उल्लेख होना जरूरी था, इसलिए इतना लिखना पडा़। अब आगे आवासीय कालोनी की बात करूं तो यह सफर आसान नहीं था। काफी झंझावतों, काफी जद्दोजहद और काफी मशक्कत के बाद यह दिन आया है जब पत्रकार अपनी आवासीय कालोनी में मौजूद हैं। बीते दौर में सुशील कोठारी, अशोक पांडे, दीपक बुद्धदेव, जितेन्द्र मिश्रा और सूरज बुद्धदेव के प्रेस क्लब अध्यक्ष रहते भी पत्रकारों के आवास के लिए प्रयास होते रहे लेकिन हम सफल सचिन अग्रहरि के प्रेस क्लब अध्यक्ष बनने के बाद हुए। हालाँकि सूरज बुद्धदेव के समय ही पहली बार प्रेस क्लब हाउसिंग सोसायटी का गठन हुआ था। सूरज बुद्धदेव से कुछ समय पहले ही मैं प्रेस क्लब अध्यक्ष का चुनाव हार चुका था लेकिन सूरज बुद्धदेव ने मुझे प्रेस क्लब हाउसिंग सोसायटी का अध्यक्ष बनाया। इसके बाद हम दोनों ने उस दौर में भी काफी दौड़भाग की थी। हमने राजधानी में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह सहित जिले में अफसरों के साथ लगातार मुलाकात की पर उस समय कोई भी सकारात्मक हल नहीं निकल पाया। सफलता तब मिली जब सचिन अग्रहरि प्रेस क्लब अध्यक्ष बने और मैं ही हाउसिंग सोसायटी का अध्यक्ष रहा। प्रेस क्लब अध्यक्ष सचिन अग्रहरि, क्लब की टीम और हाउसिंग सोसायटी की टीम ने संयुक्त रूप से प्रशासन के साथ तालमेल बिठाकर पत्रकारों की आवासीय कालोनी के लिए जमीन की तलाश शुरू की। प्रेस क्लब और हाउसिंग बोर्ड की टीम ने फिर से मेहनत शुरू की। हमने इसके लिए फिर राजधानी में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह से मुलाकात की। साथ ही स्थानीय स्तर पर तत्कालीन कलेक्टरों और एसडीएम के साथ भी लगातार बैठकें कीं। आवास के लिए हमने नेशनल हाईवे से कुछ दूर सीआईटी कालेज के पीछे कन्हारपुरी की एक जमीन, बल्देवबाग में बीएनसी मिल की जमीन और कुंज विहार कालोनी की जमीन को भी देखा।कन्हारपुरी की जमीन में बात आगे बढ़ती इससे पहले कन्हारपुरी के निवासियों ने इस जमीन को गाय चराने की जगह बताकर आपत्ति की, जिसके चलते यहां बात आगे नहीं बढी़ पर बीएनसी मिल की जमीन का नाप जोख तक हमने करा लिया। हालाँकि नेशनल टेक्सटाइल्स कार्पोरेशन की जमीन होने के कारण यह जमीन भी हाथ से जाती रही। हमने कुंज विहार कालोनी की जमीन को भी देखा, लेकिन आखिर में हमारा सफर डोंगरगाँव रोड पर इस्कान कालोनी के पीछे जाकर पूरा हुआ।
राजगामी संपदा न्यास की यह जमीन पत्रकारों को पसंद आई और जिला प्रशासन ने भी पत्रकारों की मांग पर सहमति जताई। इसके बाद इस जमीन को लेने की प्रक्रिया शुरू की गई। राजगामी संपदा न्यास के साथ इसे लेकर कई दौर की बैठक हुई। इसके साथ ही प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री और राजनांदगाँव के विधायक डॉक्टर रमन सिंह से भी लगातार बात होती रही। आखिर में साल 2018 में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के कुछ दिन पूर्व पत्रकारों के आवास के लिए जमीन का आवंटन आदेश भी हो गया और यह आदेश पत्रकारों तक भी पहुंच गया। 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा राज्य में बुरी तरह पराजित हुई और राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी। कांग्रेस ने दुर्ग जिले के पाटन के विधायक भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनाया।
कांग्रेस की सरकार के समय भी पत्रकारों का कोई काम नहीं रूका और पत्रकार कालोनी के लिए भूपेश बघेल सरकार ने भी मुक्तहस्त से मदद की। हालाँकि बीतें कई सालों की सबसे बडी़ बीमारी कोरोना इसी दौर में महामारी बनकर आई। कोरोना ने देश भर में लाखों जान ले ली। राजनांदगाँव जिले से भी हजारों की मौत कोरोना से हुई। कोरोना से ठीक पहले हमारे एक साथी सैय्यद शोएब अली का देहांत हो गया। कोरोना ने हमारे दो साथियों पूरन साहू और प्राकृत शरण सिंह को हमसे छीन लिया। कोरोना के खत्म होते-होते मैं खुद एक जानलेवा बीमारी की गिरफ्त में आ गया और अब मेरा जीवन भी जैसे तैसे चल रहा है।तमाम तरह के झंझावतों के बाद भी पत्रकारों की कालोनी के काम में बाधा नहीं आई और तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हर संभव मदद की। राजगामी से प्रेस क्लब हाउसिंग सोसायटी के नाम जमीन हो जाने के बाद प्रेस क्लब अध्यक्ष सचिन अग्रहरि और हाउसिंग सोसायटी की टीम ने पत्रकारों के नाम उनकी जमीन की रजिस्ट्री भी करा दी और पत्रकारों ने अपनी-अपनी जमीनों के कागज भी तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ही हाथों मुख्यमंत्री निवास में लिए। इस वक्त और इसके बाद कुछ समय तक मैं ही प्रेस क्लब हाउसिंग बोर्ड सोसायटी का अध्यक्ष रहा। हालाँकि अपनी बीमारी के चलते मैं कम ही सक्रिय रहा और मेरी टीम में उपाध्यक्ष रहे मिथलेश देवांगन ने काफी मेहनत की।
2023 में फिर चुनाव हुए और राज्य में भारतीय जनता पार्टी की वापसी हुई। इस बार भाजपा ने कुनकुरी से विधायक विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री बनाया। मौजूदा समय में विष्णुदेव साय सरकार भी राजनांदगाँव जिले के पत्रकारों की पहली आवासीय कालोनी के लिए दिल खोलकर मदद कर रही है। राजनांदगाँव के विधायक और छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह तो खैर लगातार पत्रकार हित में अपना खजाना खोल ही रहे हैं।
आज कालोनी का उद्घाटन हो रहा है। प्रेस क्लब अध्यक्ष सचिन अग्रहरि और प्रेस क्लब हाउसिंग बोर्ड सोसायटी के अध्यक्ष मिथलेश देवांगन के नेतृत्व में दोनों संगठनों की पूरी टीम पत्रकार आवासीय कालोनी को शहर की सर्वश्रेष्ठ कालोनी कहे जाने वाली कालोनी बनाने मेहनत कर रही है। आज बडा़ काम हो रहा है लेकिन अभी भी कई काम करने हैं। आने वाले समय में प्रेस क्लब में नया नेतृत्व आएगा और बाद में हाउसिंग सोसायटी में भी। उम्मीद है कि पत्रकार आवासीय कालोनी श्रेष्ठ कालोनी के रूप में जानी जाएगी।
अतुल श्रीवास्तव
9425240408
