केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड छत्तीसगढ़ द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए गाइडलाइन दरों को किया गया अनुमोदित
राजनांदगांव। केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड छत्तीसगढ़ द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए गाइडलाइन दरों को अनुमोदित किया गया है। कार्यालय जिला पंजीयक से प्राप्त जानकारी अनुसार राजनांदगांव जिले में लागू नवीन गाइडलाइन दरों के तहत नगरीय क्षेत्रों में दरों का युक्तियुक्तरण और सरलीकरण किया गया है।
पूर्व में प्रचलित बाजार मूल्य मार्गदर्शिका में एक ही वार्ड में कई-कई कंडिकाओं में अलग-अलग दरें अंकित थी, जिससे मार्गदर्शिका जटिल एवं आमजन के लिए समझने में कठिन हो गई थी। नगर निगम राजनांदगांव के वार्ड क्रमांक 1, 2 एवं 3 में कुल 10 अलग-अलग कंडिकाएं थी। जिनमें उसी स्थान पर मुख्य मार्ग का दर 3200 रूपए, 3400 रूपए और 3600 रूपए जैसी भिन्न-भिन्न दरें अंकित थी, जबकि उस क्षेत्र की वास्तविक बाजार दरों में इतना अंतर नहीं था। जिनमें एकरूपता लाकर वर्तमान बाजार मूल्य 4500 वर्गमीटर किया गया है एवं कंडिकाएं कम करके 6 कंडिकाएं की गई है। इसी प्रकार का युक्तियुक्तकरण बाकी सभी वार्डों में भी किया गया है।
राज्य शासन के निर्देशानुसार अनावश्यक कंडिकाओं का युक्तियुक्तरण किया गया। इसके परिणामस्वरूप नगर निगम राजनांदगांव में पूर्व के 310 कंडिकाओं को घटाकर 134 किया गया है। जिले के सभी नगरीय निकायों डोंगरगढ़, डोंगरगांव, छुरिया एवं लाल बहादुर नगर में कुल 120 वार्डों के अंतर्गत पूर्व की 490 कंडिकाओं को सरलीकृत कर 249 कंडिकाएं रखा गया है। नवीन गाइडलाइन पूर्व की तुलना में अधिक सरल, व्यवस्थित और वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित है। संपूर्ण छत्तीसगढ़ में अंतिम बार गाइडलाइन का पुनरीक्षण वर्ष 2018-19 में हुआ था। वर्तमान पुनरीक्षण उसी आधार वर्ष (2018-19) की दरों को लेते हुए किया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में एक ही रोड से लगे ग्राम व आस-पास के ग्रामों के दरों में विसंगति थी। इन्ही विंसगतियों को दूर करने के लिए एक ही रोड से लगे व आस-पास लगे ग्राम की विसंगति को दूर करते हुए सभी ग्रामों की दर एक समान प्रस्तावित किया गया है। ग्राम अंजोरा जीई रोड पूर्व का दर मुख्य मार्ग 1 करोड़ 8 लाख रूपए, ग्राम टेड़ेसरा जीई रोड 1 करोड़ 38 लाख रूपए, ग्राम देवादा जीई रोड 1 करोड़ 22 लाख रूपए, इंदावनी जीई रोड 56 लाख रूपए, सोमनी जीई रोड 1 करोड़ 38 लाख रूपए था। वर्तमान में इन सभी मुख्य मार्ग की दर 1 करोड़ 85 लाख रूपए हो गया है।
नगरीय क्षेत्रों में युक्तियुक्तकरण के बाद प्राप्त दरों पर लगभग 20-40 प्रतिशत की वृद्धि की गई है अर्थात लगभग 6 वर्षों बाद स्वाभाविक एवं तार्किक वृद्धि की गई है। ऑनलाइन प्रणाली एवं पंजीयन कार्य में किसी प्रकार का अवरोध नहीं है। नवीन गाइडलाइन 20 नवम्बर 2025 से प्रभावी हुई है। इस तिथि से अब तक लगभग 200 से अधिक दस्तावेजों का पंजीयन सुचारू रूप से किया जा चुका है। जिले के सभी उप पंजीयक कार्यालयों में पूर्ववत प्रतिदिन नियमित रूप से पंजीयन कार्य जारी है।
गाइडलाइन दरों में किए गये जन हितैषी सुधार
राज्य शासन द्वारा गाइडलाइन दरों में जनमानस के लिए आवश्यक सुधार किया गया है। कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्सेस पर रजिस्ट्री दर कम हुई है। मुख्य सड़क से 20 मीटर से ज्यादा दूर कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्सेस पर 25 प्रतिशत कम दर से मूल्यांकन, दो फसली भूमि पर लगने वाला 25 प्रतिशत अतिरिक्त मूल्य अब नहीं लगेगा, जिससे किसानों का खर्च कम होगा। ट्यूबवेल पर 85 हजार रूपए और कुएं पर 70 हजार रूपए अतिरिक्त जोडऩे का नियम हटाया गया है, जिससे जमीन सस्ती पड़ेगी। अब परिवर्तित भूमि के लिए सिंचित भूमि का 2.5 गुना रेट नहीं लगेगा, जिससे लोगों को सीधी राहत मिलेगी। केला, पपीता, गन्ना जैसी वाणिज्यिक फसलें होने पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त दर अब नहीं लगेंगी, जिससे किसानों को राहत मिलेगी। बिक्रिशुदा जमीन पर लगे पेड़ों पर अब स्टाम्प और पंजीयन शुल्क नहीं लगेगा, जिससे किसानों को राहत मिलेगी। तालाब व मछली टैंक वाली जमीन पर 1.5 गुना रेट अब नहीं लगेगा, जिससे रजिस्ट्री शुल्क कम हुआ है।
अब असिंचित जमीन का मूल्यांकन सिंचित दर से 20 प्रतिशत कम होगा, इससे कृषकों को बड़ा फायदा होगा। बाउंड्री वॉल और प्लिंथ लेवल पर लगने वाले सभी अतिरिक्त शुल्क समाप्त किया गया है, जिससे रजिस्ट्री शुल्क कम होगी। अब फ्लैट, दुकान, कार्यालयों के बाजार मूल्य की गणना सिर्फ बिल्ट-अप एरिया से होगी, सुपर बिल्ट-अप से नहीं होगी, जिससे खरीददारों पर अतिरिक्त बोझ खत्म होगा। मल्टीस्टोरी बिल्डिंग पर छूट बढ़ी है। बेसमेंट और पहला तल 10 प्रतिशत रेट कम हुआ है। वहीं दूसरा तल और ऊपर 20 प्रतिशत रेट कम हुआ है।
