जनहित मोर्चा ने जनप्रतिनिधियों से किया आग्रह
राजनांदगाँव। कलेक्टोरेट परिसर में मौजूद लेकिन लंबे समय से बंद पडे़ पुरातत्व संग्रहालय को शहर के मध्य मुक्तिबोध स्मारक के समीप सृजन संवाद भवन में स्थानान्तरित किए जाने की मांग की गई है। जनहित मोर्चा ने इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा विधानसभा अध्यक्ष डा रमन सिंह, सांसद संतोष पांडेय और महापौर मधुसूदन यादव को पत्र लिखा है।
जनहित मोर्चा का कहना है कि जनमानस की मांग है कि कलेक्टोरेट परिसर में रजिस्ट्री ऑफिस के बाजू स्थित बंद पड़े संग्रहालय को शहर के मध्य मुक्तिबोध स्मारक के समीप सृजन संवाद भवन में स्थानांतरित किया जाना चाहिए। मोर्चा ने राजनांदगाँव विधायक डॉ. रमन सिंह, सांसद संतोष पांडेय और महापौर मधुसूदन यादव से उक्त संदर्भ में पत्र व्यवहार किया है। जनहित मोर्चा के अनुसार महापौर यादव द्वारा सृजन संवाद में उक्त म्यूजियम (संग्रहालय) को स्थापित करने हेतु सहमति प्रदान की गई है। जनहित मोर्चा ने अपेक्षा की है कि यह कार्य जल्द करवाया जाएगा। ऐसा हो जाने से आम जनों की सोच पूरी होगी और लोग म्यूजियम (संग्रहालय) का लाभ ले सकेंगे। यह जानकारी जनहित मोर्चा के सचिव ने दी।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टोरेट परिसर में स्थित संग्रहालय लंबे समय से बंद पडा़ हुआ है। संग्रहालय परिसर में बड़ी-बड़ी घास उग आई है और भवन खंडहर में तब्दील होते जा रहा है। संग्रहालय में रखी तस्वीरें, पोशाक, हथियार और प्राचीन पत्थर की मूर्तियां देखरेख के अभाव में खराब हो रही हैं। पुरातत्व संग्रहालय देखरेख के अभाव में खस्ताहाल होता जा रहा है।
दक्षिण कौशल की रियासतों में से एक राजनांदगांव की नींव सांस्कृतिक राजधानी नंदग्राम के तौर पर पड़ी और यहां के राजाओं की अपनी एक अलग पहचान रही लेकिन मौजूदा समय में प्रशासनिक उदासीनता के चलते पुरातत्व विरासतों को सहेजने वाला एकमात्र संग्रहालय का अस्तित्व संकट में है। कभी प्राचीन धरोहर देखने यहाँ बड़ी संख्या में लोग पहुंचते थे लेकिन अब यह संग्रहालय वीरान हो गया है।
अगस्त 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह द्वारा स्थापित इस संग्रहालय में राजवंश के हथियार, कपड़े और पुरातात्विक महत्व के कुछ अवशेष संग्रहित हैं। 13वीं और 14वीं सदी की मूर्तियां भी इसी इमारत में मौजूद हैं लेकिन देखरेख के अभाव में इस पुरातत्व संग्रहालय का अंदर का हिस्सा भी खंडहर में तब्दील होता जा रहा है।
