गर्मी से पहले संयंत्र का संधारण और सीएफएल व फिल्टर बेड की हो सफाई
महापौर औरा कलेक्टर ने लिया मोहारा जल संयंत्रगृह का जायजा, दिए निर्देश
राजनांदगांव। महापौर मधुसूदन यादव और कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने मोहारा जल संयंत्रगृह का जायजा लिया। महापौर यादव ने ग्रीष्म ऋतु के पूर्व संयंत्र का संधारण करने सभी पंप दुरूस्त कर आवश्यक सामाग्री का पर्याप्त भण्डारण के निर्देश दिए। कलेक्टर यादव ने मोहारा के 10, 17 एवं 27 एमएलडी प्लांट का निरीक्षण कर जल शोधन प्रक्रिया देख शिवनाथ नदी में रॉ वाटर के संग्रहण की जानकारी ली।
राजनांदगांव। महापौर मधुसूदन यादव और कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने मोहारा जल संयंत्रगृह का जायजा लिया। महापौर यादव ने ग्रीष्म ऋतु के पूर्व संयंत्र का संधारण करने सभी पंप दुरूस्त कर आवश्यक सामाग्री का पर्याप्त भण्डारण के निर्देश दिए। कलेक्टर यादव ने मोहारा के 10, 17 एवं 27 एमएलडी प्लांट का निरीक्षण कर जल शोधन प्रक्रिया देख शिवनाथ नदी में रॉ वाटर के संग्रहण की जानकारी ली।
महापौर यादव ने मोहारा जल संयंत्रगृह के तीनों प्लांटो का क्रमशः निरीक्षण कर कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रीष्म ऋतु के पूर्व एलम, ब्लीचिंग तथा क्लोरिन गैस व अन्य आवश्यक सामाग्री का पर्याप्त भंडारण रखें। पंप आदि को दुरूस्त रखें। अतिरिक्त मोटर भी रखें ताकि खराब होने की स्थिति में बदला जा सके। उन्होंने प्लांट के सीएफएल व फिल्टर बेड के अलावा सभी पानी टंकियो की सफाई करने के भी निर्देश दिए, जिससे आम जनता को गर्मी में सुचारू रूप से पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
कलेक्टर यादव ने जल शोधन की प्रक्रिया देखी तथा एलम की उपलब्ध मात्रा की जानकारी लेकर गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने कहा। उन्होंने तीनो प्लांट तथा जलशोधन प्रक्रिया की जानकारी ली। आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने विस्तार से जलशोधन की जानकारी देते हुये बताया कि मोहारा स्थित शिवनाथ नदी से इंटकवेल के माध्यम से जलशोधन हेतु रॉ वाटर लेकर क्रमशः 27 एमएलडी, 10 एमएलडी पुराने प्लांट तथा अमृत मिशन द्वारा वर्तमान में निर्मित 17 एमएलडी फिल्टर प्लांट में जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया की जाती है। इसके पश्चात फिटकरी व क्लोरिंन डाल कर पानी को किटाणु रहित किया जाता है।
आयुक्त विश्वकर्मा ने जानकारी दी कि पानी के उपचार में फिल्टर बेड का इस्तेमाल, तरल पदार्थ से ठोस पदार्थो को अलग करने के लिये किया जाता है। फिल्टर बेड के जरिये पानी को छिद्रपूर्ण माध्यम या फिल्टर से गुजारा जाता है। शुद्धिकरण पश्चात शहर के 15 टंकी में भरने के पश्चात पाईप लाईन के माध्यम से शहर में पेयजल सप्लाई की जाती है।
कलेक्टर यादव ने जलशोधन की प्रक्रिया देखने के पश्चात फिल्टर प्लांट के लेब का निरीक्षण किया और विभिन्न प्रकार के टेस्ट को देख पानी की सप्लाई उचित मानक में है या नहीं की जॉच कर जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पाईप लाईन लिकेज एवं गंदा पानी आने की शिकायत का त्वरित निराकरण करें। किसी भी प्रकार की खराबी आने पर आमजनों को भी सूचित करें। उन्होंने शिवनाथ नदी में रॉ वाटर के संग्रहण की जानकारी लेकर कहा कि गर्मी के दिनो में नदी में पानी की कमी होने पर बांध में स्टोरेज पानी लेने शीघ्र प्रक्रिया करें। इसके अलावा ग्रीष्म ऋतु में पर्याप्त पेयजल सप्लाई के लिए अभी से तैयारी करने निर्देशित किया। उन्होंने अमृत मिशन एजेसी के ठेकेदार से कहा कि शुद्ध पेयजल सप्लाई में किसी भी प्रकार की कोताही न हो इसका विशेष ध्यान रखे, अगर किसी भी प्रकार की परेशानी आती है तो उसकी सम्पूर्ण जवाबदारी आपकी होगी।
कलेक्टर यादव ने जल शोधन की प्रक्रिया देखी तथा एलम की उपलब्ध मात्रा की जानकारी लेकर गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने कहा। उन्होंने तीनो प्लांट तथा जलशोधन प्रक्रिया की जानकारी ली। आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने विस्तार से जलशोधन की जानकारी देते हुये बताया कि मोहारा स्थित शिवनाथ नदी से इंटकवेल के माध्यम से जलशोधन हेतु रॉ वाटर लेकर क्रमशः 27 एमएलडी, 10 एमएलडी पुराने प्लांट तथा अमृत मिशन द्वारा वर्तमान में निर्मित 17 एमएलडी फिल्टर प्लांट में जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया की जाती है। इसके पश्चात फिटकरी व क्लोरिंन डाल कर पानी को किटाणु रहित किया जाता है।
आयुक्त विश्वकर्मा ने जानकारी दी कि पानी के उपचार में फिल्टर बेड का इस्तेमाल, तरल पदार्थ से ठोस पदार्थो को अलग करने के लिये किया जाता है। फिल्टर बेड के जरिये पानी को छिद्रपूर्ण माध्यम या फिल्टर से गुजारा जाता है। शुद्धिकरण पश्चात शहर के 15 टंकी में भरने के पश्चात पाईप लाईन के माध्यम से शहर में पेयजल सप्लाई की जाती है।
कलेक्टर यादव ने जलशोधन की प्रक्रिया देखने के पश्चात फिल्टर प्लांट के लेब का निरीक्षण किया और विभिन्न प्रकार के टेस्ट को देख पानी की सप्लाई उचित मानक में है या नहीं की जॉच कर जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पाईप लाईन लिकेज एवं गंदा पानी आने की शिकायत का त्वरित निराकरण करें। किसी भी प्रकार की खराबी आने पर आमजनों को भी सूचित करें। उन्होंने शिवनाथ नदी में रॉ वाटर के संग्रहण की जानकारी लेकर कहा कि गर्मी के दिनो में नदी में पानी की कमी होने पर बांध में स्टोरेज पानी लेने शीघ्र प्रक्रिया करें। इसके अलावा ग्रीष्म ऋतु में पर्याप्त पेयजल सप्लाई के लिए अभी से तैयारी करने निर्देशित किया। उन्होंने अमृत मिशन एजेसी के ठेकेदार से कहा कि शुद्ध पेयजल सप्लाई में किसी भी प्रकार की कोताही न हो इसका विशेष ध्यान रखे, अगर किसी भी प्रकार की परेशानी आती है तो उसकी सम्पूर्ण जवाबदारी आपकी होगी।
निरीक्षण के दौरान निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा, महापौर परिषद के प्रभारी सदस्य सुनील साहू व आलोक श्रोती, पार्षद सतीश साहू, अरूण साहू व चंद्रकृत साहू सहित प्र.कार्यपालन अभियंता प्रणय मेश्राम, उप अभियंता अनुप पाण्डे व युवराज कोमरे, प्र.स्वास्थ्य अधिकारी राजेश मिश्रा, अमृत मिशन प्रभारी नितिन पाटिल आदि उपस्थित थे।
