महिलाओं ने की सरपंच सहित अन्य पर कार्रवाई की मांग
राजनांदगाँव। ग्राम पंचायत के पदाधिकारियों द्वारा भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाते हुए बिना सूचना दिये निर्माणाधीन मकान तोड़ने के मामले को लेकर स्टेशन बाकल के लोग मामले की शिकायत करने एसपी कार्यालय पहुंचे। पीड़िता देवकी बाई ने बताया कि उनके पास आबादी पट्टे की भूमि है जिसपर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके मकान का निर्माण हो रहा था। 10 फीट तक की दीवाल का निर्माण हो चुका है, जिसे सरपंच द्वारा जातिगत भेदभाव करते हुये अतिक्रमण बताकर बुलडोजर से उक्त मकान को बिना सूचना व समय दिये 3 अक्टूबर की शाम तुड़वा दिया गया, जिससे उनका काफी बहुत नुकसान हो गया है। पीड़िता ने कहा कि उनके साथ कुछ लोगों द्वारा गाली-गलौच भी किया गया जिसकी शिकायत पुलिस ने दर्ज नहीं की।
पीएम आवास योजना से बन रहा था मकान
अपने परिजनों और अन्य ग्रामीणों के साथ एसपी कार्यालय पहुंची पीड़िता ने बताया कि लगभग 30 से अधिक वर्षों से वह उसे जगह पर कच्चे मकान में निवासरत थी। अब प्रधानमंत्री आवास योजना से उसका मकान स्वीकृत हुआ है जिसका निर्माण कराया जा रहा था। उन्होंने कहा कि सभी लोगों ने जितना दूर तक मकान निर्माण किया है उतना ही वह भी कर रही थी, लेकिन सिर्फ उसी के मकान को अतिक्रमण बताकर कर तोड़ा गया जबकि अन्य लोगों ने भी अतिक्रमण किया है।
थाने में नहीं लिया गया आवेदन
पीड़िता देवकी बाई ने बताया कि इस मामले को लेकर जब वह लालबाग थाने में आवेदन देने पहुंची तो उसका आवेदन भी नहीं लिया गया। इसके बाद वहां एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन देने घंटों इंतजार करती रही, कोई भी अधिकारी यहां नहीं थे और ज्ञापन लेने भी कोई अन्य कर्मचारी नहीं आये।
