0 जिम्मेदार गायब, दफ्त
राजनांदगाँव। सड़क पर घायल गोवंश का पशु चिकित्सा विभाग द्वारा इलाज नहीं किये जाने के मामले से नाराज गो – सेवकों ने पशु विभाग कार्यालय पहुंचकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। अपने कार्य में कोताही बरतने को लेकर विभागीय लोगों के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए उन्हे फुर्सत से बैठकर चाय-बिस्किट का आनंद लेने चाय बिस्किट वितरण किया गया।
दोपहर लगभग 2.30 बजे गौ सेवक जब पशु विभाग कार्यालय पहुंचे तो यहां दो-तीन कर्मचारी ही थे। बाकी सभी कुर्सियां खाली थी। पूछे जाने पर सभी का लंच में जाना बताया गया। गौ सेवकों ने लगभग आधे घंटे जिम्मेदार अधिकारियों का इंतजार किया लेकिन कोई भी नहीं पहुंचा तो उन्होंने मौजूद कर्मचारियों के अलावा खाली टेबल पर ही चाय और बिस्किट रखकर प्रदर्शन किया।
सूचना पर नहीं मिलता इलाज
गो-सेवकों ने बताया कि चिकित्सकों और प्रशासनिक अधिकारियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप है जिसमें गौ सेवकों को भी जोड़ा गया है। इस ग्रुप में भी मवेशियों के घायल होने पर उनके इलाज के लिए सूचना डाली जाती है तो भी गोवंश को उपचार नहीं मिल पाता है। कोई भी चिकित्सक घायल गाय के इलाज के लिए जवाब नहीं देता है।
दुर्ग ले जाकर कराया इलाज
गौ सेवक हरीश भानुशाली ने बताया कि आज सुबह एक गाय सड़क हादसे में घायल हो गई थी, जिसका पेट फट गया था। गाय को तत्काल इलाज की जरूरत थी। सूचना मिलने पर गौ सेवक मौके पर पहुंचे और पशु चिकित्सकों से संपर्क किया लेकिन कोई भी चिकित्सक इलाज के लिए उपलब्ध नहीं हुए। पशु विभाग को बताने पर भी गाय को उपचार नहीं मिला तो गौ सेवक स्वयं के खर्चे पर गाय को दुर्ग ले गए जहां गाय का उपचार करा कर 18 -20 टांके लगवाए गए। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, अक्सर सड़क पर घायल गाय को उपचार नहीं मिल पाता है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
पशु चिकित्सा विभाग द्वारा गोवंश के उपचार को लेकर बरती जा रही उदासीनता के चलते गौ सेवकों ने चाय बिस्कुट का वितरण कर विभागीय लोगों के फुर्सत में होने के बाद भी गोवंश का इलाज नहीं करने को लेकर नाराजगी जाहिर की और भविष्य में इसी तरह का रवैया अपनाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान गो-सेवक ऋषि, शास्त्री, महेंद्र जंघेल, अभिमन्यु मिश्रा, संदीप सोनी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
