संविधान दिवस पर साफ सुथरा हो गया चौक
आंबेडकर चौक पर लगे स्तूप के चारों तरफ लिखा गया “भारत का संविधान”
राजनांदगाँव। शहर के आंबेडकर चौक के बीच में बडा़ सा स्तूप में अब “भारत का संविधान” फिर से जीवंत हो गया है। पहले दो दिशाओं में संविधान को दर्शाते हुए किताब के पन्ने और दो ही दिशाओं में “भारत का संविधान” लिखा हुआ था लेकिन अब “भारत का संविधान” चारों दिशाओं में लिखा दिख रहा है।
आंबेडकर चौक के इस स्थल की दुर्दशा हो गई थी और दिशाचक्र ने बीते दिनों इसे लेकर चिंता जाहिर की थी। “भारत का संविधान” को यहां पर स्थापित करने की जिसने भी जिस भी सोच के साथ पहल की वह पहल थी तो शानदार पर कुछ ही समय बाद इस स्थल की दुर्दशा हो गई है थी। “दिशा चक्र” ने आंबेडकर चौक में इस स्थल का जायजा लेकर पाया था कि स्तूप धूल धक्कड़ से अटा पडा़ है और इस जगह की कभी सफाई हुई भी होगी ऐसा नहीं लगता। स्तूप के शिखर पर दोनों और लगाए गए भारतीय संविधान में लिखे गए शब्द उखड़ने लगे थे और किताब के पन्ने खाली होने लगे थे। किताब के नीचे दोनों ओर “भारत का संविधान” लिखा गया था। एक तरफ “भारत का संविधान” तो दिख रहा पर दूसरी तरफ “भारत का” गायब हो गया था और सिर्फ “संविधान” नजर आ रहा था।
दिशाचक्र की खबर के बाद इस स्थल की सुध ली गई। हमने आज यानि संविधान दिवस के दिन इस स्थल की ओर फिर से रूख किया तो पाया कि अब स्तूप के दोनों तरफ किताब के पन्ने साफ सुथरे नजर आने लगे हैं। साथ ही पहले दो तरफ भारत का संविधान लिखा हुआ था लेकिन अब यह चारों तरफ लिखा गया है।
आंबेडकर चौक शहर का मध्य नहीं है, एक छोर है लेकिन इस चौक से शहर आपस में जुड़ता है। एक रास्ता वीआईपी मार्ग की ओर जाता है तो दूसरा ममता नगर की ओर। यह चौक कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक आवास के इलाके यानि रामकृष्ण नगर और शहर को आपस में जोड़ता है तो कलेक्टोरेट भी इसके करीब है। कलेक्टर सहित जिले के सभी आला अफसर हर दिन इसी चौक से गुजरते हुए अपने दफ्तर जाते हैं। आम लोगों का भी नियमित आना जाना होता है। जनप्रतिनिधियों का भी यहाँ से गुजरना होता है।
हमने नवपदस्थ कलेक्टर जितेन्द्र यादव, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों सबसे इसे लेकर आग्रह किया था। अब संविधान दिवस के दिन यह स्थल तो संवर गया, इसके लिए किसने प्रयास किया यह तो फिलहाल पता नहीं चला लेकिन उनका प्रयास है काबिलेतारीफ। जय हो “भारत का संविधान”।
