अफसरों के चैंबर में है सुविधा, बाकी लोग होते हैं परेशान
राजनांदगाँव। जिले के सबसे बडे़ सरकारी दफ्तर कलेक्टोरेट में हर दिन अपनी फरियाद लेकर आने वाले आम लोगों और दफ्तर के कर्मचारियों के लिए ही प्रसाधन की समुचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में कलेक्टोरेट पहुंचने वाले आम लोगों और वहां के कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
जिला मुख्यालय में शासकीय दफ्तर किसी एक स्थान पर न होकर शहर भर में अलग-अलग जगहों में फैले हुए हैं। हालाँकि सबसे बडा़ दफ्तर कलेक्टोरेट है और यहां हर दिन सैंकड़ों लोग पहुंचते हैं। कलेक्टोरेट में संचालित कई विभागों के कर्मचारी भी यहीं तैनात रहते हैं। ऐसे में बडा़ सवाल खडा़ होता है प्रसाधन की व्यवस्था होने का। इस सवाल पर जाकर स्थिति साफ हो जाती है कि तकलीफदेह।
कलेक्टोरेट में कलेक्टर सहित सभी बडे़ अफसरों के लिए तो उनके चैंबर के भीतर ही प्रसाधन की व्यवस्था है लेकिन यहां पहुंचने वाले आम लोगों और विभिन्न दफ्तरों के कर्मचारियों के लिए प्रसाधन की व्यवस्था सही नहीं है। राजनांदगाँव जिला मुख्यालय का कलेक्टोरेट जब बनाया गया था, तब से इसमें कुछ जगहों में प्रसाधन की व्यवस्था जरूर की गई थी और समय के साथ-साथ बदलते अफसरों ने प्रसाधन की जगहों में सुविधाओं का विस्तार भी कराया था, पर विस्तार की गई सुविधाएं सुधरने के बजाय बिगड़ती ही गई हैं।
हमने कलेक्टोरेट में अपनी फरियाद लेकर पहुंचने वाले आम लोगों और वहां के कर्मचारियों के लिए की गई प्रसाधन की व्यवस्था की पड़ताल की तो पाया कि अधिकांश प्रसाधन स्थल बदहाल हो गए हैं। लघु शंका के लिए बने स्थान की पाइप टूट गई हैं और वहां लघुशंका करने पर बहाव कपडो़ में टपकता रहता है जबकि बनाए गए शौचालय टूट फूट गए हैं। कुछ शौचालय के दरवाजे ही टूटकर लटक रहे हैं। ऐसे में वहां बैठना संभव ही नहीं है। नलों की स्थिति भी ऐसी हो गई है कि कभी उनमें से पानी आता है, कभी नहीं।
कलेक्टोरेट परिसर में ही स्थित संयुक्त जिला कार्यालय और जिला पंचायत कार्यालय सहित मौजूद कुछ अन्य विभागों के कार्यालयों में भी प्रसाधन की व्यवस्था बदहाल ही है। जिले के सबसे बडे़ अफसर कलेक्टर सहित अन्य अफसरों का ध्यान इस ओर अपेक्षित है कि वे कार्यालय में प्रसाधन की व्यवस्था को दुरुस्त कराएं।
