दिग्विजय स्टेडियम में सुबह 10 बजे से आयोजन
राजनांदगाँव। सिखों के नौवें गुरू श्री गुरू तेग बहादुर जी की शहादत को स्मरण करते हुए राजनांदगाँव में सिख समाज द्वारा यहाँ 8 नवम्बर को विशेष आयोजन किया जा रहा है। सिख समाज के माध्यम से गुरु दी संगत वेलफेयर सोसाइटी राजनांदगांव द्वारा 8 नवंबर को सुबह 10 बजे दिग्विजय स्टेडियम में सलोक महल्ला 9 का सामूहिक जाप आयोजित किया जा रहा है। आयोजन में सर्वसमाज की भागीदारी रहेगी।
सिख सामाज ने सभी से आग्रह किया है कि वे भी इस कार्यक्रम में अपनी भागीदारी देकर श्री गुरु तेग बहादुर जी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं। सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी ने 1675 में धार्मिक आज़ादी के अधिकार को बनाए रखने के लिए अपनी जान दे दी थी। मुगल बादशाह औरंगजेब के राज में हिंदुओं को ज़बरदस्ती इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। कश्मीरी पंडितों के एक समूह ने श्री गुरु तेग बहादुर जी से मदद मांगी। गुरु ने कड़ा रुख अपनाया और कहा कि अगर उनका धर्म बदला जा सकता है, तो बाकी सभी भी उनका साथ देंगे लेकिन अगर वह अड़े रहे तो ज़बरदस्ती धर्म बदलना बंद हो जाना चाहिए।
उन्हें दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया गया और बहुत यातना दी गई, लेकिन उन्होंने अपना धर्म छोड़ने से मना कर दिया। आखिर में श्री गुरु तेग बहादुर जी को दिल्ली के चांदनी चौक में सिर काटकर शहीदी दे दी गई, क्योंकि उन्होंने अपनी सोच और धर्म की आज़ादी की रक्षा की थी।
उनके सबसे बड़े बलिदान की वजह से उन्हें “हिंद की चादर” भारत की ढाल की उपाधि मिली और वे हिम्मत, सहनशीलता और मानवाधिकारों की रक्षा का एक ताकतवर प्रतीक बने हुए हैं।
