साइबर फ्रॉड मामले में पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
राजनांदगाँव। ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म के माध्यम से की गई ठगी के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब सवा करोड़ रूपए की साइबर ठगी के शिकार हुए युवक को उसकी राशि में से 85 लाख रूपए वापस कराए हैं। ऑनलाइन ठगी का शिकार जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विनोद गोस्वामी का पुत्र विपिन कुमार गोस्वामी हुआ था।
राजनांदगांव जिले में ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई बड़ी साइबर ठगी के मामले में राजनांदगांव पुलिस द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए ठगी गई राशि में से ₹85,00,031/- रुपये प्रार्थी को वापस कराए गए हैं। साइबर फ्रॉड के मामलों में जिले में पहली बार इतनी बड़ी राशि एक साथ वापस कराई गई है। मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी विपिन कुमार गोस्वामी पिता विनोद गोस्वामी उम्र 45 वर्ष, निवासी संत रविदास गोस्वामी वार्ड नं. 1 डोंगरगांव, थाना डोंगरगांव, जिला राजनांदगांव द्वारा थाना डोंगरगांव में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर बताया गया था कि “पॉलीस फाइनेंस लिमिटेड” नामक ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधियों द्वारा अधिक लाभ का लालच देकर विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से धनराशि जमा कराई गई। इस प्रकार प्रार्थी से कुल ₹1,14,52,000/- रुपये जमा कराकर धोखाधड़ी की गई।
प्राप्त शिकायत के आधार पर थाना डोंगरगांव में अपराध क्रमांक 15/2026 धारा 318(3), 318(4) बीएनएस एवं 66(घ) आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में तत्काल टीम गठित कर मामले में प्रभावी कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के नेतृत्व में थाना डोंगरगांव एवं साइबर सेल राजनांदगांव की संयुक्त टीम द्वारा मामले की गहन जांच की गई। टीम द्वारा सीडीआर विश्लेषण, बैंक खातों के ट्रांजेक्शन का विस्तृत परीक्षण तथा तकनीकी विश्लेषण कर लगभग 397 बैंक खातों को साइबर पोर्टल के माध्यम से होल्ड कराया गया, जिनमें ठगी की राशि ट्रांसफर की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की पतासाजी हेतु पुलिस टीम को मुंबई (महाराष्ट्र) भी रवाना किया गया तथा संबंधित कंपनी की गतिविधियों की निगरानी की गई। तकनीकी विश्लेषण एवं सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप ठगी गई राशि ₹1,03,20,000/- रुपये में से ₹85,00,031/- रुपये की राशि को होल्ड/लीन कराकर न्यायालय के आदेश से प्रार्थी के खाते में वापस कराया गया। राशि प्राप्त होने के पश्चात प्रार्थी द्वारा पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर का आभार व्यक्त किया गया। इस कार्रवाई में DSP अलेक्जेंडर किरो, प्रशिक्षु आईपीएस आदित्य कुमार, निरीक्षक उपेन्द्र कुमार शाह, निरीक्षक विनय पम्मार, निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर तथा साइबर सेल राजनांदगांव की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
राजनांदगांव पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि टेलीग्राम, इंस्टाग्राम या अन्य सोशल मीडिया लिंक/एप के माध्यम से प्राप्त किसी भी निवेश ऑफर पर विश्वास न करें। ऐसे अधिकांश लिंक और एप साइबर ठगी के माध्यम होते हैं। किसी भी प्रकार की संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी तत्काल सायबर हेल्पलाइन 1930 अथवा निकटतम पुलिस थाने में दें।
