मुनि वीरभद्र ने कहा- धीरे-धीरे सब बदल जायेगा
राजनांदगांव। धीरे-धीरे सब बदलता जा रहा है और बदल जाएगा। साधुओं का आचार व्यवहार बदल जाएगा और श्रावकों की मन:स्थिति भी बदल जाएगी। परमात्मा ने अपने स्वप्न में इसका उल्लेख किया है। उक्त उदगार आज प्रख्यात संत वीरभद्र (विराग मुनि) ने जैन बगीचा स्थित उपाश्रय भवन में व्यक्त किये।
वीरभद्र मुनि (विराग) जी ने कहा कि परमात्मा के स्वप्न में 21 हजार साल बाद होने वाले परिवर्तन के बारे में जो बताया गया है वह आज अक्षर स: घट रहा है। इससे यह साबित होता है कि इस बदलते युग में धीरे-धीरे कर सब बदल जाएगा। उन्होंने कहा कि परमात्मा की देशना सुनकर उनकी आज्ञा का पालन करो। उन्होंने कहा कि स्वप्न के अनुसार साधु भौतिक वस्तुओं का खुलकर उपयोग करेंगे और छोटे-छोटे देवताओं को मनाकर अपने भक्तों की संख्या बढ़ाने का प्रयास करेंगे। वे विलासिता का जीवन जीने लगेंगे।
मुनि श्री वीरभद्र (विराग) जी ने आगे कहा कि स्वप्न में भविष्य का यह भी उल्लेख किया गया है कि महिलाएं घर पर रहना पसंद नहीं करेंगी, वे बाहर निकलकर काम करेंगी। युवतियाँ भी स्वच्छन्द रहने का प्रयास करेंगी। पैसा सबसे ज्यादा महत्व रखेगा। युवतियों को देखने का नजरिया बदल जाएगा। मुनि श्री ने कहा कि हम देख रहे हैं कि धीरे-धीरे यह स्वप्न सही साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पहले की देशना विलुप्त हो जाए हमें उसे सुनकर परमात्मा की आज्ञा का पालन कर आत्म कल्याण के मार्ग की ओर बढ़ जाना चाहिए। यह जानकारी मीडिया प्रभारी विमल हाजरा ने दी।
