राजाओं की परंपरा का निर्वहन, मिट्टी के रावण का दहन
राजनांदगाँव। निहंग गद्दी के वैष्णव (वैरागी) राजाओं की परंपरा का निर्वाह करते हुए दिविजय कॉलेज परिसर स्थित किल्ला राधा कृष्णा मंदिर के राजपुरोहित एवं अखिल भारतीय पुजारी पुरोहित संघ के जिला अध्यक्ष दिलिप दास वैष्णव के मार्गदर्शन में रियासतकालीन पंरपरा का निर्वाह करते हुए रानी सूर्यमूखी देवी ट्रस्ट सम्पदा द्वारा मिट्टी से निर्मित रावण का वध किया गया।
पारंपरिक रूप से शोभायात्रा में विभिन्न मंदिरों से हनुमान जी का प्रतीक चिन्ह निशानों के साथ गाजा-बाजा ढ़ोल मंजीरा के साथ निकाला गया। अखिल भारतीय पुजारी पुरोहित संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवकुमार निर्वाणी ने बताया कि वैष्णव राजाओं द्वारा स्थापित परापराओं के तहत सभी त्यौहारों को योजनाबद्ध संनातन से जोडकर प्रकृतिक व मर्यादित ढग़ से मनाया जाता है। अधर्म पर धर्म की जीत का पर्व विजयादशमी पर्व को सनातन अधारित मनाने की परपंरा निराली है, जिसके अनुसार राम जी के सेना के रूप में विभिन्न मंदिरों के निशानों का पूरे नगर में भ्रमण किया जाकर अंत में मिटटी से बने रावण का संहार सभी निशानों के प्रहार से किया जाता है। वैष्णव राजा पूर्णत: सनातनी रहे, जिसका उदाहरण परंपरागत दशहरा उत्सव जिसमें कोमी एकता की अदभूत मिसाल देखने को मिलता है। पूरे भारत में इस तरह की अदभूत दृश्य कभी देखने को नहीं मिलेगा। दशहरा उत्सव में हिंदूओं के निशानों के साथ-साथ अटल सैय्यद से मुसलमानों का निशान पूरे नगर भ्रमण कर मिटटी के रावण का वध करते हैं। वैष्णव व राजाओं द्वारा स्थापित विजयादशमी पर मिटटी के रावन वध की परंपरा को पूरे राष्ट्र को आंगिकार करना चाहिए। यह परंपरा आतिशबाजी व फटाको के गूंज के विपरित बडी़ शालीनता से मिटटी का रावन का वध सभी मंदिरों के निशानों के साथ किया जाता है, जो पूर्णत: प्रदूषण मुक्त होता है सनातन यहा दिखता है।
शोभायात्रा का निर्वाणी परिवार ने बालाबाबा के मंदिर के सामने भव्य स्वागत सतकार किया। इस दौरान वैभव निर्वाणी, रूपमती निर्वाणी, सुमित्रा शिव निर्वाणी, मनोज निर्वाणी, रूपादी निर्वाणी, मौसमी निर्वाणी, ज्ञानेश्वर वैष्णव , विभा वैष्णव, नेहा यादव, वीरेंद्र यादव, उषा श्रीवास्तव ने सनातनी शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। शोभा यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए दिग्विजय कॉलेज के सामने पहुंची जहां मिटटी से निर्मित रावण का संहार के साथ विजयादशमी उत्सव का समापन किया गया। विजयदशमी शोभा यात्रा का मार्ग में स्वागत किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राजपुरोहित दिलिप दास वैष्णव, संदिप वैष्णव, रवि वैष्णव, राजू वैष्णव, संतोष वैष्णव, शुभादास वैष्णव, देवकुमार निर्वाणी, मनोज निर्वाणी, मनीष निर्वाणी, भव्य वैष्णव के अलावा वैष्णव बंन्धू गण उपस्थित हुए। यह जानकारी कार्यालय प्रमुख वैभव निर्वाणी एवं एडी निरमोही ने दी।
