चार रेत खदानें होंगी शुरू, होगी आनलाइन नीलामी
धीरी-अर्जुनी सहित चार घाट से की ऑनलाइन आवेदन के बाद नीलामी
राजनांदगांव। रेत निकालने का काम अब फिर से ठेकेदारों को दिए जाने की तैयारी हो गई है। प्रदेश सरकार द्वारा जारी नई पाॅलिसी के तहत अब घाटों की नीलामी ऑनलाइन होगी। इसके लिए कोई भी आवेदन कर सकता है। नीलामी नए घाटों के लिए होगी, पहले से स्वीकृत रेत घाट निर्धारित समय तक चलते रहेंगे।
पिछली सरकार में ग्राम पंचायत को रेत घाट चलाने का अधिकार दिया गया था जिसके बाद कई घाट में विवाद की स्थिति भी देखने को मिली थी, परन्तु अब ऐसा नहीं होगा। राज्य सरकार ने नई पॉलिसी 19 सितंबर को घोषित की है।
उल्लेखनीय है कि सरकार के राजस्व प्राप्त करने का बड़ा माध्यम रेत खदान रहे हैं। ऐसे में दो साल इंतजार के बाद आखिरकार प्रदेश की साय सरकार ने अपनी नई पॉलिसी जारी कर दी है। बताया जा रहा है कि इस नई पॉलिसी में कई बदलाव किए गए हैं। रेत घाटों की नीलामी के लिए आई नई पॉलिसी में इस बार सब कुछ ऑनलाइन होगा। रायल्टी पर्ची तक ठेकेदार अपने घाट में बना सकेंगे। किसी को ऑफिस आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऐसा माना जा रहा है कि इससे बिना रॉयल्टी के रेत बिक्री पर रोक लगेगी, ओपन ऑक्शन होने पर कोई भी आवेदन कर सकता है। प्रदेश में अभी तक मशीनों से रेत निकालने पर प्रतिबंध है। इसके बाद भी घाटों में मशीन का उपयोग किया जाता है। हालांकि नई नीति छग साधारण रेत उत्खनन एवं व्यवसाय नियम 2025 में मशीन से लोडिंग का उल्लेख नहीं है। माना जा रहा है कि पड़ोसी राज्य मप्र, बिहार, उप्र, ओडिशा में मशीन से रेत लोड करने की अनुमति दी गई है, तो पर्यावरण विभाग यहां भी अनुमति दे सकता है।
ज्ञात हो कि भले ही दो साल से वैध तरीके से रेत का खनन नहीं किया जा रहा हो, लेकिन जिले में बड़ी संख्या में प्रभावी लोगों द्वारा नदियों के घाटों से अवैध रेत खनन किया गया है। राजनीतिक लोगों का संरक्षण होने एवं प्रशासन की सांठ-गांठ से यह पूरा खेल चलता रहा है। हालांकि अब वैध तरीके से रेत खनन की अनुमति मिलने के बाद अवैध खनन में कमी देखने को मिल सकती है।
मिली जानकारी के अनुसार नई पॉलिसी के तहत जिले में चार घाट की ऑनलाइन नीलामी की जाएगी। इनमें धीरी, भोथली, कोटरासरार और अर्जुनी गांव के घाट शामिल हैं। इन चारों घाट की ऑनलाइन नीलामी में कोई भी भाग ले सकेगा।
