करमतरा स्कूल में बच्चों को दिलाई गई शपथ
करमतरा/राजनांदगांव। “बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है और गैरकानूनी कृत्य भी, जो विशेषकर लड़कियों की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की संभावनाओं पर गंभीर प्रभाव डालता है। यह उन्हें अपने सपनों को पूरा करने से रोकता है।”
उपरोक्त विचार शासकीय किसान उच्चतर माध्यमिक शाला करमतरा के प्राचार्य राजेश शर्मा ने विद्यार्थियों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाते समय व्यक्त किए।
प्राचार्य शर्मा ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए जा रहे ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान की सराहना की और कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है कि कोई भी बच्चा शिक्षा, सुरक्षा और अवसरों से वंचित न रहे।
कार्यक्रम में व्याख्याता संगीता तिवारी, कमलेश्वरी चंदेल, अर्चना साहू, नीलम सिंह, दिव्या वर्मा, लोकेश्वरी देवांगन, किसन सिंग सोरी, रामप्रसाद देवांगन, नंदकुमार पटेल, राकेश साहू, सुरेश कुमार, मनीष शर्मा और योगेंद्र सिंह ठाकुर की सक्रिय उपस्थिति एवं भागीदारी रही। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों में जनजागरूकता बढ़ाने और समाज में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने हेतु सकारात्मक संदेश दिया गया।
