राजनांदगाँव/डोंगरगाँव। डोंगरगाँव की बेटी भाविका बोहरा ने मोह, राग, द्वेष छोड़कर वीतराग की राह पर चलने का फैसला लिया है। भाविका बोहरा ने इस दिशा में अपने कदम आगे बढ़ाते हुए सामाजिक जनों से क्षमा याचना किया। सामाजिक और परिवार जनों ने उसके शुभ भावों की अनुमोदना किया। संसारिक जीवन से विलग होकर भाविका राजस्थान में 31 अक्टूबर को आयोजित होने भव्य समारोह में पूज्य ज्ञान गच्छाधिपति प्रकाश मुनि म सा से दीक्षा ग्रहण करेगी।
उल्लेखनीय है कि नगर के धर्मनिष्ठ अमरचंद बोहरा की पोती और किशोर बोहरा की पुत्री भाविका ने करीब चार साल वैराग्य काल बिताने के बाद बीते साल दीक्षा ग्रहण करने का संकल्प लिया था। आत्म कल्याण की राह पर चलने संकल्पित बेटी के भावो को देखते हुए दादा अमरचंद, पिता किशोर बोहरा और मां श्रद्धा बोहरा ने पूज्य ज्ञान गच्छाधिपति प्रकाश म सा को आज्ञापत्र सौंपा था।
भाविका के भावों, त्याग और धर्म के प्रति निष्ठा को देखते हुए आचार्य प्रकाश म सा ने दीक्षा की अनुमति प्रदान किया। वह 31 अक्टूबर को राजस्थान के गढ़ सिवाना में सांसारिक जीवन और सारे रिश्ते नाते तोड़ते हुए जैनेश्वरी दीक्षा ग्रहण करेगी। दीक्षा के क्रम में डोंगरगाँव मंडी परिसर में संयम महोत्सव का आयोजन किया गया। बड़े पिता गुलाबचंद बोहरा के निवास से निकलकर भाविका ने नगरवासियों का अभिवादन किया।
बंधी डोर, टूटा नाता
मंडी परिसर में उक्त वक़्त बेहद मार्मिक दृश्य देखने मिला ज़ब रक्षाबंधन के मौके पर हर्ष बोहरा सहित अन्य भाईयों को सालों से रक्षा सूत्र बाँधने वाली भाविका ने बहन के रूप में आख़री बार राखी बांधा। मां श्रद्धा बोहरा ने भाविका को पानी की तरह तरल बनने की सीख देते हुए कहा कि गुरु की आज्ञा का पालन करते हुए संयम के पथ पर खूब आगे बढ़ना। सम्बोधन के दौरान श्रद्धा सहित मौजूद श्रावक श्रविकाएं भावुक हो गए सभी की आँखों से आंसू छलक पड़े।
गुरु ने दिखाई राह
इस मौके पर भाविका ने कहा कि अज्ञानता के कारण वह दुनिया के मायाजाल मे फंस रही थी, किन्तु गुरु भगवंतों ने बताया कि जीवन का लक्ष्य आत्म कल्याण होना चाहिए। सभी को इसी राह पर चलकर आत्मकल्याण करना चाहिए। उसने बीते 25 सालों में जाने अनजाने में हुई भूलों के लिए क्षमायाचना किया।
शुभ भावों की अनुमोदना
कार्यक्रम की शुरुवात सुधर्म महिला मंडल के मंगलचरण पाठ की प्रस्तुति से हुई। स्वागत गीत बालिका मंडल ने पेश किया। इस मौके पर जेठमल बोहरा, शीतल लोढ़ा, ज्योति बोहरा, संयम बोहरा, राजकुमार बोहरा, रतनचंद बोहरा, जयेश बोहरा, सुषमा बोहरा ने उसके शुभ भावों की अनुमोदना करते हुए संयम के पथ पर आगे बढ़ने प्रेरित किया। समता महिला मंडल, पार्श्वनाथ महिला मंडल, महेश्वरी महिला मंडल ने भक्तिमय प्रस्तुति दिया। भाविका के परिजनों ने अपनी प्रस्तुति से 25 सालों के सफर को जीवंत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन संतोष बाफना, मोनिका बाफना, श्रद्धा बाफना ने किया।
