एक इंसास रायफल सहित कई सामग्री बरामद
राजनांदगाँव। मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी पुलिस ने नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत नक्सलियों के एक ठिकाने को ध्वस्त कर दिया है और बडी़ मात्रा में नक्सल डंप बरामद किए हैं।

राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बालाजी राव और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाय. पी. सिंह के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशन के तहत संयुक्त सुरक्षा बल ने कोहकाटोला के दुर्गम पहाड़ियों पर नक्सलियों के एक अस्थायी ठिकाने को ध्वस्त कर दिया। 15 मार्च को पुलिस के खुफिया तंत्र को सूचना मिली थी कि थाना औंधी के अंतर्गत कोहकाटोला के घने जंगलों में 4 से 5 सक्रिय नक्सली अत्याधुनिक हथियारों के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल थाना प्रभारी औंधी ने उच्चाधिकारियों को अलर्ट किया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जिला पुलिस बल, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF), डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और पड़ोसी जिले कांकेर की डीआरजी टीम की एक संयुक्त टुकड़ी गठित कर जंगल की ओर रवाना की गई।सुरक्षाबलों की संयुक्त पार्टी कोहकाटोला जंगल के भीतर सर्चिंग कर रही थी, तभी घने पेड़ों के बीच संदिग्ध हलचल महसूस की गई। जवानों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए इलाके की घेराबंदी शुरू की। पुलिस की भारी मौजूदगी देख नक्सलियों में हड़कंप मच गया। खुद को चारों तरफ से घिरता देख नक्सली घने जंगल, ऊबड़-खाबड़ रास्तों और पहाड़ियों की ओट लेकर भागने लगे। सुरक्षाबलों ने लंबी दूरी तक उनका पीछा किया, लेकिन भौगोलिक परिस्थितियों और शाम के धुंधलके का फायदा उठाकर नक्सली घने जंगलों में ओझल होने में सफल रहे।

सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान पुलिस को नक्सलियों के ठिकाने से 1 नग इंसास राइफल (बॉडी नंबर 16799802), एक मैगजीन, 15 नग जिंदा कारतूस, पावर बैंक, दवाइयां, बैग, भारी मात्रा में राशन और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री मिली। महत्वपूर्ण खुलासा तब हुआ जब आत्मसमर्पित नक्सलियों ने इस हथियार की पहचान की। पता चला कि यह राइफल खूंखार महिला नक्सली कमांडर हिड़मे मरकाम के पास रहती थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह वही राइफल है जिसे नक्सलियों ने वर्ष 2010 में कांकेर जिले के दुर्गकोंडल थाना क्षेत्र के ग्राम भुस्की में एक हमले के दौरान सुरक्षाबलों से लूटा था। 16 साल बाद इस हथियार का वापस मिलना पुलिस के लिए एक बड़ी मनोवैज्ञानिक जीत मानी जा रही है।
