41 वर्ष पहले युवाओं ने शुरू किया सिलसिला
राजनांदगांव। वर्ष 1984 के पहले एक मोहल्ले में ही अलग-अलग जगह पर माता की प्रतिमा स्थापित किए जाने को अपनी एक जुटता का परिचय देने के लिए लगभग 20 से 25 वर्ष के युवाओं ने शहर के गांधी चौक में एक स्थान पर ही नवरात्र के अवसर पर माता के प्रतिमा स्थापित करने का सिलसिला शुरू किया।
इससे पहले यहां पर रामायण प्रचारक समिति और गांधी चौक में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की जाती थी, तो वही जगन्नाथ मंदिर के समीप मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित होती थी। अलग-अलग जगह पर माता की प्रतिमा स्थापित न करते हुए उसे दौर के युवा शरद तिवारी, स्वर्गीय रामविलास पटेल, होरीलाल पटेल, विजय हरिहार्नो, अशोक शर्मा, वीरेंद्र शुक्ला, सुभाष गुप्ता और लगभग 25-30 युवाओं गांधी चौक में ही माता की प्रतिमा स्थापना शुरू की। तब से लेकर अब तक 41 वर्ष से यहां मां शक्ति की प्रतिमा स्थापित कर आराधना की जा रही है। इस पूजा पंडाल में पहले मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित होती थी, वहीं कुछ वर्षों बाद यहां मां काली प्रतिमा स्थापित की जाने लगी।
मां कालिका उत्सव समिति गांधी चौक में समिति से जुड़े युवा खुद ही पंडाल बनते थे। लगभग 15 वर्ष तक उन्होंने यहां मां सस्वती की प्रतिमा स्थापित की जो शहर के प्रसिद्ध मूर्तिकार वासुदेव कालेश्वर बनाते थे । वही जब मां काली की प्रतिमा स्थापित करने के लिए उन्होंने मूर्तिकार से कहा तो उनके द्वारा पहले ही हमाल पारा में मां काली की प्रतिमा बनाई जाती थी इस वजह से उन्होंने गांधी चौक के लिए मां काली के प्रतिमा नहीं बनाई। जिसके बाद दुर्ग जिले के थनौद से मां काली की प्रतिमा बनाई गई और अब बीते कुछ वर्षों से यहां खैरागढ़ से मां काली के प्रतिमा बनवाकर स्थापित की जा रही है।
पंडाल से युवाओं में बनी एकजुटता
इस पूजा पंडाल में वर्ष 1984 से जुड़े वर्तमान में समिति के संरक्षक शरद तिवारी ने बताया कि समिति में शुरुआती दौर में सभी युवा शामिल थे। युवाओं को एकजुट करने के लिए एक स्थान पर ही प्रतिमा स्थापित की जाने की सहमति तीनों पूजा पंडाल के लोगों ने बनाई और इसके बाद से एक जगह पर ही प्रतिमा स्थापित किया जाने लगा। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर के लगभग सभी लोग स्वर्गवासी हो गए हैं। अब उनके पुत्र, भतीजों ने इस पूजा पंडाल की जिम्मेदारी संभाली हुई है।आज दूसरी और तीसरी पीढ़ी भी यहां आ रही है।
बुजुर्ग से लेकर नौजवान
गांधी चौक स्थित इस समिति में लगभग सभी उम्र के सदस्य दिखाई देते हैं। यहां बुजुर्ग सदस्य से लेकर नौजवान माता की आराधना में जुटे हुए हैं । प्रतिवर्ष पूजा पंडाल में 9 दिनों तक सेवा भजन, भंडारा प्रसादी, जगराता का कार्यक्रम भी किया जाता है। वर्तमान में समिति के सदस्य गुणवंत पटेल, उत्तम यादव, नंदू भूतड़ा, संतोष महाराज, सुनील उग्रानी, आकाश दास अतुल टांक सहित 40 से अधिक सदस्य शामिल हैं।
