चातुर्मास का अंतिम प्रवचन देते हुए मुनि वीरभद्र ने कहा- स्वयं आंकलन करें कि हमने चार माह...
प्रवचन
लोगों ने चार माह के अनुभव को साझा किया और गीतिका के माध्यम से भाव प्रकट किया...
लोगों ने पूछा सवाल और बिना देखे ही हंसभद्र मुनि ने सही-सही जवाब दिया राजनांदगांव। पब्लिक ने...
चातुर्मासिक प्रवचन में मुनि वीरभद्र ने कहा- लोगों के बीच में आपकी इमेज कैसी है, इस पर...
चातुर्मासिक प्रवचन में मुनि वीरभद्र ने कहा- भीतर सरलता आएगी तभी हम परमात्मा को देख पाएंगे राजनांदगांव।...
चातुर्मासिक प्रवचन में मुनि वीरभद्र ने कहा- मन के परिणामों का असर एकेंद्रियों पर भी पड़ता है...
चातुर्मासिक प्रवचन में मुनि वीरभद्र ने कहा- हमने अपनी आत्मा को जागृत करने के लिए कभी सोचा...
चातुर्मासिक प्रवचन में मुनि वीरभद्र ने कहा- सम्यक दर्शी आत्मा को दुख अच्छा लगता है किन्तु पाप...
चातुर्मासिक प्रवचन में मुनि वीरभद्र ने कहा- प्रभु से आत्म कल्याण की चीज ना मांग कर पतन...
चातुर्मासिक प्रवचन में मुनि वीरभद्र ने कहा- स्नेह का बंधन जिसमें कोई धागा नहीं होता फिर भी...
