1950 से चल रहा सिलसिला
पिता के बाद पुत्र और अब पोते कर रहे हैं स्थापना
राजनांदगांव । शारदीय नवरात्र के अवसर पर शहर के बांसपाई पारा में मां शक्ति की आराधना के लिए पूजा पंडाल लगने का सिलसिला 7 दशक से भी पुराना है।
देश की आजादी के बाद स्वतंत्र भारत में अपनी देवी देवताओं की स्थापना को लेकर गजब का उत्साह बना रहा । आजादी के तीन वर्ष बाद वर्ष 1950 में राजनांदगांव शहर के बांसपाई पारा में सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति द्वारा मां शक्ति की प्रतिमा स्थापना का सिलसिला शुरू किया गया। यहां पहली बार मोहल्ले के लोगों ने सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति बनाई और उस दौर में स्वर्गीय टेगुराम रजक, जीवराखन रजक, पंचू उस्ताद, पुरुषोत्तम यादव, चैतू यादव, मनोहर, नाथू रजक, बेदुरम ढीमर, जुगल जैन सहित कुछ अन्य लोगों ने मिलकर यहां मां शक्ति की प्रतिमा स्थापना की । इनमें से लगभग सभी लोग अब स्वर्गीय हो चुके हैं, लेकिन उनकी इस विरासत को उनके पुत्रों ने संभाला और नवरात्रि में माता की प्रतिमा स्थापित करने का सिलसिला जारी रखा। आज उनके पौत्र यहां प्रतिमा स्थापित कर रहे हैं।
वर्तमान में इस समिति में विनोद ढीमर, शरद पटेल, गागी ढीमर, अनीश पटेल, मेंगु साहू, पवन ढीमर, प्रवीण पटेल, तारीक पटेल, सुनील देवांगन, गोलू फूटान, सुधीर ठाकुर, संतोष यादव सहित तीन दर्जन से अधिक लोग परिवार की तरह ही एकजुट होकर शामिल है।
